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अमेरिका आज से होर्मुज स्ट्रेट पर करेगा नाकेबंदी, ब्रिटेन ने नाकेबंदी में शामिल होने से किया इनकार
- Super Admin
- 13 Apr, 2026
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका आज से होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी लागू करने जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है। ट्रम्प के मुताबिक, कई अन्य देश भी इस प्रयास में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं।
नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा।
ब्रिटेन ने US की नाकेबंदी में शामिल होने से इनकार किया
ब्रिटेन ने अमेरिका की ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी में शामिल होने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश नौसेना और सैनिक इस ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि, ब्रिटेन ने कहा है कि उसके माइंसवीपर जहाज और एंटी-ड्रोन सिस्टम क्षेत्र में काम करते रहेंगे।
यूके सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि वह समुद्री रास्तों की आजादी का समर्थन करता है और होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बेहद जरूरी है। ब्रिटेन के मुताबिक, इस अहम समुद्री मार्ग का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था और घरेलू महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी है।
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप
अमेरिका की होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के ऐलान का असर तुरंत दिखने लगा है। इस समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
समुद्री खुफिया फर्म लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक, नाकेबंदी की घोषणा के बाद ट्रैफिक तुरंत रुक गया और कई जहाजों ने रास्ता बदल लिया या वापस लौट गए हैं।
अमेरिका पर निर्भरता को लेकर उत्तर कोरिया की चेतावनी
जापान में प्रकाशित उत्तर कोरिया समर्थक अखबार ने अमेरिका के नेतृत्व वाले वैश्विक सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे देशों के राष्ट्रीय हित खतरे में पड़ सकते हैं। अखबार ने अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ का हवाला देते हुए कहा कि जो देश अमेरिका पर ज्यादा निर्भर हैं, उन्हें आर्थिक और रणनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि युद्धविराम के बाद हालात कैसे बदलेंगे, यह अभी साफ नहीं है, लेकिन देशों को अपने हितों की रक्षा के लिए स्वतंत्र नीति अपनानी चाहिए। उत्तर कोरिया लंबे समय से बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का समर्थन करता रहा है और अमेरिकी प्रभाव का विरोध करता है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना नहीं की है। वहीं, दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि उत्तर कोरिया फिलहाल ईरान से दूरी बनाकर अमेरिका के साथ बातचीत की संभावना खुली रखना चाहता है।होर्मुज के पास आने वाले सैन्य जहाजों को देंगे कड़ा जवाब: ईरान
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने वाले सैन्य जहाजों का कड़ा और मजबूती से जवाब दिया जाएगा। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर की बात, कहा- हम निभा सकते हैं मध्यस्थ की भूमिका
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव और अस्थिर हालात के बीच अब रूस ने कूटनीतिक मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान से फोन पर बात की है। बातचीत में पुतिन ने संकेत दिया है कि रूस पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार है। इससे पहले शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। ईरान और अमेरिका का प्रतिनिधमंडल पाकिस्तान भी पहुंचा था। हालांकि वहां बात नहीं बन पाई। वहीं, पुतिन ने इस बातचीत के दौरान कहा कि मौजूदा संघर्ष को रोकने के लिए तुरंत हिंसा बंद करना जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा और केवल राजनीतिक व कूटनीतिक रास्ता ही स्थायी शांति दिला सकता है। क्रेमलिन के अनुसार रूस सभी पक्षों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की दिशा में काम कर रहा है और स्थिति को शांत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।Leave a Reply
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