Breaking News :

:

छत्तीसगढ़: महतारी वंदन योजना का लाभ ले रहीं 69 लाख महिलाओं को 30 जून तक करानी होगी ई-केवाईसी; वर्ना रुकेगा पैसा

top-news
https://www.blueheart.in/public/frontend/img/post-add/add.jpg

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत लाभ ले रही करीब 69 लाख महिलाओं के लिए ई-केवाईसी अब अनिवार्य कर दी गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2026 तक ई-केवाईसी पूरा नहीं कराने पर अगली किश्त रोक दी जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने 3 अप्रैल से ई-केवाईसी अभियान शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से प्रत्येक जिले में ई-केवाईसी केंद्र खोले जा रहे हैं, जहां महिलाएं आधार आधारित प्रमाणीकरण, फिंगरप्रिंट या ओटीपी के माध्यम से अपना केवाईसी पूरा करा सकती हैं। योजना की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घर बैठे भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है।

नाम में गड़बड़ी बन रही बड़ी अड़चन मैदान से मिल रही जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में मामलों में योजना में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में मामूली अंतर के कारण सत्यापन अटक रहा है। वर्तनी की छोटी-छोटी त्रुटियां भी ई-केवाईसी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही हैं। इसे देखते हुए विभाग ने सभी महिलाओं को पहले अपने नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर रिकॉर्ड का मिलान कराने की सलाह दी है।

गलती मिले तो तुरंत सुधार कराएं नाम या अन्य विवरण में त्रुटि मिली तो लाभार्थियों को महिला एवं बाल विकास विभाग में नाम संशोधन के लिए आवेदन देना होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय रहते सुधार नहीं कराने पर ई-केवाईसी में समस्या आएगी और किस्त अटक सकती है। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।

फोकस: पारदर्शिता व सही लाभार्थी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी के जरिए लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और वास्तविक पात्र महिलाओं तक ही योजना का लाभ पहुंचेगा। विभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और जिलों को प्रगति की नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

मातृ सशक्तिकरण - देश में महिलाओं के लिए चल रहीं सरकारी योजनाएं स्वास्थ्य और पोषण पर बड़ा कवरेज 4.27 करोड़ महिलाओं को मातृ वंदना योजना का लाभ {7.26 करोड़ गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जांच {14 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण सेवाएं {मिशन इंद्रधनुष से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी।

आर्थिक सशक्तिकरण से आत्मनिर्भरता 57.93 करोड़ जनधन खातों में से 32.29 करोड़ महिलाओं के नाम {मुद्रा योजना में 68% लोन महिलाओं को {स्टैंड-अप इंडिया में 83% महिला लाभार्थी {10 करोड़ से ज्यादा महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी।

शिक्षा और स्किल से बढ़ती भागीदारी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लिंगानुपात में सुधार {4.6 करोड़ सुकन्या समृद्धि खाते {7.58 लाख छात्राएं कस्तूरबा स्कूलों में {उच्च शिक्षा में 30% से ज्यादा महिला भागीदारी।

सुरक्षा और सम्मान से सेफ्टी नेट 926 वन स्टॉप सेंटर {99 लाख से ज्यादा महिलाओं को हेल्पलाइन सहायता {शी-बॉक्स से कार्यस्थल सुरक्षा {416 शक्ति सदन, 531 सखी निवास।

https://www.blueheart.in/public/frontend/img/post-add/add.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *